एक क्लिनिक से पंजीकृत फाउंडेशन तक
विश्वभारतीय फाउंडेशन की स्थापना 12 मार्च 2026 को कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के अंतर्गत गारंटी द्वारा सीमित गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में हुई (लाइसेंस सं. 181714)। इसका पंजीकृत कार्यालय डायमंड नगर, खरबी मेन रोड, नागपुर में है।
यह संस्थापक डॉ. धनंजय के. येरने द्वारा 1998 में शुरू किए गए कार्य को आगे बढ़ाता है — सार्वजनिक अस्पताल एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य केंद्र, प्रतिदिन निःशुल्क नेत्र जाँच, तथा पूर्ववर्ती संस्था विश्वभारतीय मानव कल्याण सेवा संस्था (पंजी. सं. 15456) के माध्यम से नागपुर एवं भंडारा ज़िलों में नेत्र शिविर, पोलियो अभियान, HIV/एड्स एवं कुष्ठरोग जागरूकता तथा विद्यालय कार्यक्रम।
नाम में विश्व और भारतीय का संगम है। हमारे प्रतीक-चिह्न पर ध्येय-वाक्य रोगोत्मूलम् दीर्घजीवनम् अंकित है, और नेत्र का चिह्न हमारे कार्य के केंद्र में नेत्र-सेवा का प्रतीक है।
स्वस्थ, शिक्षित एवं आत्मनिर्भर समाज
जहाँ हर व्यक्ति, आय या निवास-स्थान की परवाह किए बिना, साफ़ देख सके, स्वस्थ रहे, सीख सके और सम्मान से जी सके।
सेवा को लोगों के द्वार तक पहुँचाना
हम सबसे ज़रूरतमंद समुदायों तक निःशुल्क नेत्र सेवा, स्वास्थ्य शिविर एवं जागरूकता पहुँचाते हैं, युवाओं एवं महिलाओं में कौशल विकसित करते हैं, पर्यावरण की रक्षा करते हैं और सरकार, CSR साझेदारों एवं नागरिकों के साथ पारदर्शिता से काम करते हैं।
फाउंडेशन किन उद्देश्यों के लिए स्थापित है
हमारे मेमोरेंडम ऑफ़ एसोसिएशन में दिए उद्देश्यों का सार। MOA पढ़ें
निवारक स्वास्थ्य एवं नेत्र सेवा
निःशुल्क नेत्र जाँच एवं स्वास्थ्य शिविर, चश्मा वितरण और उपचार हेतु रेफ़रल।
स्वास्थ्य जागरूकता
नेत्र स्वास्थ्य, संक्रामक रोग, तंबाकू, पोषण एवं स्वच्छता पर जन-जागरूकता।
शिक्षा
विद्यालयों एवं विद्यार्थियों को सहयोग; आत्मविश्वास बढ़ाने वाली प्रतियोगिताएँ एवं कार्यक्रम।
कौशल विकास
युवाओं एवं महिलाओं के लिए व्यावसायिक एवं जीवन-कौशल प्रशिक्षण।
महिलाएँ एवं बच्चे
मातृ-शिशु स्वास्थ्य तथा महिलाओं का सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण।
पर्यावरण
वृक्षारोपण, स्वच्छता एवं प्लास्टिक-कमी अभियान।
नागरिक एवं सामाजिक जागरूकता
मतदाता पंजीयन, अधिकारों की जानकारी एवं सरकारी योजनाओं तक पहुँच।
वंचितों का कल्याण
बुज़ुर्गों, दिव्यांगों, मज़दूरों, बस्तीवासियों एवं किसानों की बिना भेदभाव सेवा।
दो अध्याय, एक उद्देश्य
विश्वभारतीय फाउंडेशन की स्थापना 12 मार्च 2026 को Section 8 कंपनी के रूप में हुई। फाउंडेशन संस्थापक एवं पूर्ववर्ती संस्था विश्वभारतीय मानव कल्याण सेवा संस्था द्वारा वर्ष 1998 से किए जा रहे स्वास्थ्य, नेत्र-जांच एवं सामुदायिक सेवा कार्यों को आगे बढ़ा रहा है।
संस्थापक एवं पूर्ववर्ती संस्था की विरासत · 1998–2025
- 1 May 1998सार्वजनिक अस्पताल एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य केंद्र आरंभ
संस्थापक द्वारा खरबी मेन रोड, नागपुर में निःशुल्क नेत्र जाँच के साथ आरंभ।
- 1998विश्वभारतीय मानव कल्याण सेवा संस्था पंजीकृत
पंजी. सं. 15456 (नागपुर) — पूर्ववर्ती संस्था, जिसके माध्यम से शिविर एवं जागरूकता कार्य हुए।
- 1998–2023हर वर्ष पल्स पोलियो सेवा
नागपुर महानगरपालिका टीकाकरण अभियान में सहयोग।
- 2004HIV/एड्स जागरूकता एवं व्यक्तित्व विकास
विद्यालय-महाविद्यालय प्रतियोगिताएँ; यूनेस्को क्लब, नागपुर के साथ व्यक्तित्व विकास शिविर।
- 2005विज्ञान एवं पर्यावरण मेला
मराठी विज्ञान परिषद के साथ।
- —कुष्ठरोग उन्मूलन कार्य कार्यक्रम (LEAP)
भंडारा ज़िले के गाँवों में स्वयंसेवक प्रशिक्षण; ALERT इंडिया द्वारा प्रवर्तित, ANESVAD फाउंडेशन द्वारा समर्थित।
विश्वभारतीय फाउंडेशन की संस्थागत यात्रा · 2026 →
- 4 Mar 2026ISO 9001:2015 प्रमाणन
स्वतंत्र गुणवत्ता-प्रबंधन प्रमाणन (रॉयल असेसमेंट्स प्रा. लि.)।
- 12 Mar 2026विश्वभारतीय फाउंडेशन की स्थापना
कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत Section 8 गैर-लाभकारी कंपनी (लाइसेंस सं. 181714)।
- 14 Mar 2026NGO दर्पण, ई-अनुदान एवं उद्यम
सरकारी NGO पोर्टलों पर पंजीकरण।
- 30 Mar 202612A एवं 80G (अस्थायी)
आयकर पंजीकरण एवं अनुमोदन, निर्धारण वर्ष 2026-27 से 2028-29।
- 7 Apr 2026CSR-1 पंजीकरण
CSR परियोजनाएँ लागू करने हेतु पात्र (CSR00109367)।
- 2026फाउंडेशन के पहले कार्यक्रम
पृथ्वी दिवस (22 अप्रैल) एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून), नागपुर के समाचार-पत्रों में प्रकाशित।
हमारे साझेदार
वे संस्थाएँ जिनके साथ हम अभी काम करते हैं, और जिनके साथ संस्थापक एवं पूर्ववर्ती संस्था ने सहयोग किया। यहाँ नाम होना उल्लिखित कार्यक्रम में सहयोग दर्शाता है, समर्थन नहीं।
फाउंडेशन के साझेदार एवं सहयोगी
2026 →पूर्व सहयोग (संस्थापक एवं पूर्ववर्ती संस्था)
1998–2025क्या आप हमारे साथ साझेदारी करना चाहते हैं? CSR साझेदारी · संपर्क करें
निदेशक मंडल
फाउंडेशन का संचालन तीन सदस्यीय निदेशक मंडल द्वारा किया जाता है।
डॉ. धनंजय केवलराम येरने
प्रबंध निदेशक एवं सीईओ · संस्थापक
“मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है।”
ऑप्टोमेट्रिस्ट एवं विज़न थेरेपिस्ट (एम.एससी. ऑप्टोमेट्री एवं ऑफ़्थैल्मिक टेक्नोलॉजी, मेवाड़ विश्वविद्यालय; डी.ओ.टी., नागपुर, 1995) डॉ. येरने 1998 से महाराष्ट्र हॉस्पिटल एवं ऑप्टिकल, नागपुर में निःशुल्क नेत्र जाँच कर रहे हैं। उन्होंने विश्वभारतीय मानव कल्याण सेवा संस्था की स्थापना की और बस्तियों, गाँवों, विद्यालयों, कारागृहों एवं राजमार्ग परिवहन केंद्रों में शिविरों का नेतृत्व किया।
वे इंडियन ऑप्टोमेट्रिक एसोसिएशन के आजीवन सदस्य (LM-IOA/3481/2025) हैं और नवभारत समाचार-पत्र में नेत्र स्वास्थ्य पर जन-जागरूकता लेख लिख चुके हैं। उनके व्यक्तिगत सम्मान संस्थापक के सम्मान एवं मान्यता में दिए गए हैं।

डॉ. अजया धनंजय येरने
निदेशक · DIN 11602653सह-संस्थापक एवं मेमोरेंडम की हस्ताक्षरकर्ता; स्वास्थ्य शिविर एवं महिला कार्यक्रम।

डॉ. तेजेंद्र धनंजय येरने
निदेशक · DIN 11602654सह-संस्थापक एवं मेमोरेंडम के हस्ताक्षरकर्ता; स्वास्थ्य शिविरों एवं जागरूकता में सहयोगी चिकित्सक।
स्वयंसेवक एवं सहयोगी
हमारी शक्तिहमारे शिविरों एवं अभियानों में जुड़ने वाले चिकित्सक, विद्यार्थी एवं नागरिक, जिनमें डॉ. धनश्री ढोबले, योगेश राऊत, शिवानी कदम, रोशनी चौहान और श्रेया दांडेकर शामिल हैं।
एक और परिवार तक सेवा पहुँचाने में सहयोग करें
आपका दान निःशुल्क नेत्र सेवा, स्वास्थ्य शिविरों और सामुदायिक कार्यक्रमों में सहायक होता है। दान पर धारा 80G के अंतर्गत कर-लाभ उपलब्ध है।